28 दिसंबर, 2009

रंग रसिया तिवारी

नारायण तेरे कितने रुप

नारायण दत्त तिवारी यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के पद पर राज कर चुके हैं... राजनीतिक में तिवारी का सफर इतना ही नहीं है... राजनीति के मैदान में तिवारी काफी पुराने और अच्छे खिलाड़ी साबित हुए हैं... लेकिन तिवारी के साथ जुड़ी कई और बातें भी हैं... जिससे आजकल तिवारी सुर्खियों में छाए हुए हैं... कई बार महिलाओं के साथ तिवारी के रिश्तों की बातें सामने आई... लेकिन वो महज सुनी सुनाई बातें थी... लेकिन तीन महिलाओं के साथ नारायण दत्त तिवारी आपत्ति जनक हालत में मिले... जिसे तेलगु के निजी टीवी चैनल ने प्रसारित भी किया... इसके बाद तिवारी ने स्वास्थ का हवाला देते हुए आध्र प्रदेश के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया... हालाकि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने विडियो क्लिप प्रसारण पर रोक लगा दी थी... इस आग को तब हवा लगी जब उत्तराखंड की एक महिला राधिका ने तिवारी के रिश्तों के कई राज खोले... राधिका ने महिलाओं के लिए तिवारी की भूख की दास्तां बताई... इसके अलावा रोहित शेखर नाम का शख्स भी नारायण दत्त तिवारी का बेटा होने का दावा कर चुका है... रोहित ने अपने अधिकार के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.. लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया... उत्तराखंड में भी नैपाली महिला सारिका प्रधान के साथ नारायण दत्त तिवारी की लीलाओं के चर्चे भी आम थे... ये उस वक्त की बात है जब तिवारी उत्तरांखड के मुख्यमंत्री थे... महिलाओं संग तिवारी के रिश्तों को उत्तराखंड के लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने बेहतर तरीके से दिखाया... रंग रसिया तिवारी को नरेंद्र सिंह नेगी ने कलयुगी नारायण कहा... और महिलाओं के साथ कलयुगी नारायण की रास लीलाएं दिखाई... और एलबम का नाम रखा...
नौछमी नारायण... http://www.youtube.com/watch?v=ZWY-htpsv0I

2006 में रिलीज़ हुई ये एलबम बहुत पॉपुलर हुई... और लोगों को कलयुगी नारायण की लीलाएं भी खूब पसंद आई... इस विवादित गाने के बाद लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी को धमकियां भी दी गई... यहां तक कि उनकी स्टेज परफॉर्मेंस भी सरकारी कार्यक्रमों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दी गई... निजी टीवी चैनल ने तिवारी की जिस करतूत का पर्दाफाश किया है... वो बेहद शर्मनाक है... अगर से सब सच है तो राज्यपाल पद और गरिमा के साथ उस आम आदमी के भरोसे को भी क्षति पहुची है... आज मुझे और मुझ जैसे आम लोगों को ये कहते हुए शर्म आती है... जिसे प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी... उसे विकास की नहीं जिस्म की भूख है...

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