
कहते हैं संडे..... हॉली डे, फंन डे... लेकिन हम पत्रकारों की किस्मत में ये फन नहीं है... आज के दिन भी हमें ऑफिस आना पड़ता है... काम करना पड़ता है... ये अलग बात है कि आज कोई अधिकारी हमारे सर पर खड़ा होकर हमें ऑडर नहीं देता... और आज हम थोड़ा रिलैक्स होते हैं... लेकिन काम तो काम है... बुलेटिन भी जाएगा... खबरें भी आएंगी॥ उसे लिखना भी पड़ेगा और एडिट भी करवाना पड़ेगा... लेकिन इस काम में भी एक अलग ही मजा है... मुझे कभी इस बात का अफसोस नहीं होता कि हमें छुट्टियां नहीं मिलती... और न ही कभी इस बात का मलाल होता है कि जब सब लोग छुट्टियों का मजा लेते हैं... उस दरमियां हमारे पास सबसे ज्यादा काम होता है... खैर मलाल करें भी क्यों अपनी मर्जी से ही तो इस टीवी की दुनिया में कदम रखा था... काम करने मे मजा आता है... और खुशी की एक वजह ये भी है कि ऑफिस में हमारे में पूरा स्टाफ अच्छा है... सीनियर्स अच्छे हैं... और कुलीक भी दोस्त की तरह ही हैं... बस इसी बात की संतुष्टी है... खैर आज थोड़ा वक्त मिला तो ब्लॉक में हम बतिया लिए... चलो अब काम हो जाए... वरना मुझे ये लगेगा कि मैं अपने काम से बेइमानी कर रही हूं...

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