मोहनदास करमचंद्र गांधी एक ऐसा नाम जिसने भारत में क्रांति पैदा कर दी... वैसे देश में क्रांति लाने वाले और भी कई लोग थे॥ लेकिन गाँधी का क्रांति लाने का माध्यम सबसे अलग और निराला था॥ सत्य, अहिंसा के पथ पर चलकर महात्मा गांधी ने हमें आजाद कराया... मोहनदास करमचंद्र गांधी को महात्मा शब्द रविंद्र नाथ टैगोर ने दिया था... महात्मा का मतलब महान आत्मा से है... भारत में उन्हें बापू के नाम से भी याद किया जाता है... गुजराती में बापू का मतलब पिता होता है... बापू को राष्ट्रपिता का सम्मान दिया गया... ये तो कुछ ऐसी बातें हैं जो हर कोई शख्स जानता है... लेकिन मेरी नजर में बापू वो प्रतिमा है॥ तो चुप और खामोश रहकर भी जीने की जज्बा देता है... दूसरों की मदद करने की प्रेरणा देता है... जो कभी न हार मानने का पाठ सिखाता है... बापू ने न केवल अमीर और उचे तबके के लिए काम किया... बल्कि दलित, ग्रामीण और बेसहारा लोगों को भी सहारा दिया... किसानों के लिए बापू ढ़ाल बने, दलितों पर होने वाले भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई, और पूरे देश को आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट किया... अपनी पोशाक सादी धोती और सूती की शॉल उन्होंने चरखे से कातकर खुद बनाई थी... सादा भोजन करने वाले बापू सीधे और सरल व्यवहार के थे... देश के ऐसे सच्चे वीर को मेरा शत शत नमन...
30 जनवरी, 2010
10 जनवरी, 2010
अमर का नया खेल

अमर सिंह समाजवादी पार्टी के कर्ताधर्ता मुलायम सिंह यादव से खफा हैं... अमर के इस्तीफे से तो यही लगता है... अमर सिंह ने एसपी के महासचिव पद के साथ संसदीय बोर्ड समेत सभी पदों से बाय-बाय कह दिया है... अमर सिंह ने एक बयान में कहा है कि “ राजनीति से मेरा मन दुखी हो गया है ” इसके अलावा निजी चैनल से बातचीत के दौरान अमर सिंह ने इस्तीफे का कारण खराब सेहत बताया... अमर के इस्तीफे से संजय दत्त का अमर प्रेम भी सबके सामने आ गया.. अमर सिंह ने पार्टी को क्या बाय-बाय कहा संजू बाबा ने भी पार्टी को आखिरी सलाम कर दिया... संजय दत्त ने पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव के बयान पर भी अफसोस जताया है... “ रामगोपाल यादव ने कहा था कि फिल्म वालों की वजह से पार्टी को कोई फायदा नहीं हुआ ” रामगोपाल के इस बयान ने पार्टी में भले ही उथलपुथल मचा दी हो... लेकिन मुलायम सिंह यादव को उम्मीद है कि सब पहले की तरह ही ठीक हो जाएगा... मुलायम सिंह यादव का कहना है कि वो जल्द ही अमर सिंह को मना लेंगे... भले ही चाहे मुलायम पार्टी का दर्द जाहिर न करें... लेकिन पार्टी में चल रही तकरार की आवाज अब बाहर भी सुनाई देने लगी है... खैर अमर का ये नया दांव को अमर ही जानें... लेकिन अमर के इस्तीफे से मुलायम की रातों की नींद जरुर उड़ गई है...
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